कश्मीर घाटी में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कैशलेस मंत्र कामयाब होता दिख रहा है। घाटी के अब तक तीन गांव कैशलेस हो चुके हैं और अब इन गांव में ज्यादातर लेनदेन मोबाइल फोन और पेटीएम द्वारा हो रहा है। सरकार ने इन गांवों में रहने वाले स्थानीय लोगों को कैशलेस होने की अच्छी तरह से ट्रेनिंग दी है और फिर इन्हें कैशलेस घोषित किया गया।
दक्षिणी कश्मीर के जिला अनंतनाग का मंजगाम गांव घाटी का दूसरा ऐसा गांव है जहां लोग अब कैशलेस घूम रहे हैं। अनंतनाग के मंजगाम और कुलगाम जिले के बोनिगाम गांव के लोगों को सरकार द्वारा पूरी तरह से ट्रेनिंग दी गई है और इस सिस्टम में सहूलियत को देख यहां के लोगों ने किसी आपत्ति के बगैर इसे अपना लिया है।
उन्हें काफी खुशी भी है कि उनका गांव कश्मीर के उन शुरुआती गांवों में से है जो कैशलेस हो गए हैं। गौरतलब है कि दक्षिणी कश्मीर अनंतनाग जिले के मंजगाम और कुलगाम जिले के बोनिगाम गांव से पहले मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के लानूरा गाँव को पहला कैशलेस गांव घोषित किया गया है।