पुंछ जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गुलपुर सेक्टर में भारती क्षेत्र में घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे तीन नाबालिगों को पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया। तीनों से सेना और अन्य एजेंसियों ने भारतीय क्षेत्र में आने के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्हें खिलौने और अन्य सामान देकर पाकिस्तान को सौंप दिया। केजी ब्रिगेड के कमांडर ने बताया कि तीनों बच्चों को पाकिस्तानी अधिकारियों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान सतर्क हैं। वह हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
पुंछ जिले के चक्कां दा बाग क्षेत्र में शून्य रेखा के पास दबोचे गए तीन में से दो सगे भाई हैं। इनकी पहचान धनयाल मलिक (17) पुत्र मोहम्मद नियाज अली निवासी गांव लस्सीमंग छातरा जिला फरवर्ड कोहटा, अरबाज रहीम (13) पुत्र अब्दुल रहीम और उसका भाई उमर रहीम (9) के रूप में हुई है। तीनों पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं।
सना और लाईबा की तरह इन बच्चों को वापस भेजा गया- कमांडर, 10 इन्फैंट्री केजी ब्रिगेड
कमांडर, 10 इन्फैंट्री केजी ब्रिगेड ने बताया कि 18 अगस्त को अपराह्न करीब 3:45 बजे नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी। तुरंत मोर्चा संभालकर तीन बच्चों को पकड़ लिया गया। कमांडर ने बताया कि ये तीनों बच्चे मछली पकड़ने के इरादे से निकले थे और अनजाने में नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सीमा में आ गए। अधिकारी ने कहा कि इनके साथ एक और व्यक्ति था, जो वापस लौट गया था। पूर्व में सीमा पार कर भारत आईं दो लड़कियों सना और लाईबा की तरह इन बच्चों को वापस भेजा गया है। इससे पहले बीते साल छह दिसंबर और 31 दिसंबर को भी दो पाकिस्तानी नागिरक भारतीय सीमा में घुस आए थे, जिन्हें वापस भेजा गया था।
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एसएसबी ने भी एक युवक को लिया था हिरासत में
सीमावर्ती गांव अब्दुल्लियां से एक युवक को सीमा सुरक्षा बल ने हिरासत में लिया है। उसकी पहचान सन्नी (18) पुत्र राठी बिहार के रूप में हुई। सीमा सुरक्षा बलों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस युवक से सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचने पर पूछताछ कर रही है।