पहले चरण के मतदान में कई पर्वतीय इलाके हैं, जहां पारा माइनस में चला गया है। लेह-लद्दाख में शीतलहर के चलते तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।
मौसम का असर मतदान पर पड़ सकता है। हालांकि, वर्ष 2008 के चुनाव की तुलना में इस बार मतदान की तारीख लगभग एक सप्ताह बाद है। पिछले चुनाव में पहले चरण का मतदान 17 नवंबर को था, जबकि इस बार 25 नवंबर को।
पहले चरण में जो सीटें हैं, उनमें पिछले चुनाव में मतदाताओं ने जमकर वोट डाले थे। गांदरबल (मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जहां से लड़े थे) को छोड़कर शेष सभी सीटों पर मतदान 60 फीसदी से अधिक हुआ था। कारगिल ने तो मतदान का रिकार्ड बनाया था। यहां 75 फीसदी तक वोट पड़े थे।
सबसे कम गांदरबल में 51.73 प्रतिशत मतदान हुआ था। पर्वतीय इलाके की सीट होने के कारण इस बार चुनाव आयोग ने इन सभी इलाकों को पहले चरण में रखा है, ताकि बर्फबारी होने से पहले ही यहां मतदान संपन्न हो जाए।