लोगों को संबोधित करतीं सीएम महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को विनाश की ओर ले जाने वाले हालात बताया है।
उन्होंने कहा हाल के दिनों में जिस तरह से एलओसी और आईबी पर भीषण गोलाबारी हुई है, उससे हालात इंसानी आबादी और संपत्ति के लिए तबाही का सबब बने हैं। इससे पहले कि माहौल और बिगड़े, दोनों मुल्कों को संवाद के चैनल खोलने होंगे।
राजोरी और पुंछ जिलों के एलओसी से सटे इलाकों में पहुंचीं महबूबा ने गोलाबारी से पीड़ितों का दर्द बांटा। नौशेरा, पुंछ और राजोरी सेक्टर में भीषण गोलाबारी का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा नई दिल्ली और इस्लामाबाद के सामने बातचीत के सिवाए दूसरा कोई विकल्प नहीं है। तनाव से टकराव होगा और फिर भारी विनाश, जबकि दोनाें देशों के सामने गरीबी और आर्थिक चुनौतियां खड़ी हैं।
अब गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों को मिलेगा 5 लाख
सीएम महबूबा मुफ्ती
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महबूबा ने कहा अफगानिस्तान, सीरिया और इराक पर जो बीत चुका है, उससे सबक लेना होगा। संस्कृतियां और सभ्यताओं ने कभी ने भरने वाले जख्म सहे हैं। महबूबा ने कहा देश का विभाजन मजहब के आधार पर हुआ था जबकि जम्मू-कश्मीर ने हमेशा मजहबों से ऊपर उठकर जिंदगी बसर की है। भारत-पाक विभाजन के 70 साल बाद भी रियासत को ही तनाव का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
नौशेरा, मंजाकोट, राजोरी और पुंछ में गोलाबारी पीड़ितों और प्रभावितों की सुध लेने के बाद महबूबा ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा सरहदी इलाकों में गोलाबारी से हुई मौत पर दी जानी वाली अनुग्रह राशि केंद्र ने बढ़ाकर 5 लाख कर दी है। पीड़ित परिवाराें को इसी दर से राहत दी जाएगी।
उन्होंने एलओसी से दो किलोमीटर के दायरे वाले प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति का ब्योरा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पानी, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि शून्य से पांच किलोमीटर के दायरे में चार जोन बनाई गई हैं।
59 गांवों के लिए 68 स्थानाें पर राहत शिविर स्थापित करने की कवायद जारी है। महबूबा के साथ उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह, पंचायती राज मंत्री अब्दुल हक खान, खाद्य मंत्री जुल्फकार अली सहित विधायक और प्रशासनिक अफसर मौजूद थे।