एक और बीरबल नाटक के मंचन के दौरान कलाकार फोटो आयोजक
विमोद रंगमंच की ओर से एक और बीरबल नाटक का मंचन किया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अभिनव थिएटर का मंच ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। यहां विमोद रंगमंच की प्रस्तुति एक और बीरबल नाटक का मंचन हुआ जिसने दर्शकों के हृदय को छू लिया। राकेश रोशन भट्ट द्वारा लिखित और रोहित भट्ट निर्देशित नाटक पंडित बीरबल धर के साहस और रणनीतिक कौशल को प्रस्तुत करता है।
19वीं सदी के अफगान दुर्रानी शासन में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचारों के बीच बीरबल धर ने न तो पलायन का रास्ता चुना न ही समर्पण का। उन्होंने चौथा मार्ग अपनाया जो बौद्धिक प्रतिरोध का था। अपने पुत्र को गिरवी रखकर महाराजा रणजीत सिंह से सहायता मांगी जिससे अंततः कश्मीर का सिख साम्राज्य में विलय हुआ। राहुल किलम ने बीरबल धर के किरदार को बड़ी सशक्त रूप से निभाया। जतिंदर जोत्शी (अज़ीम खान), अरविंद टिक्कू (मिर्जा काक), किंग सी भारती (बासा राम), शाजी खान (रणजीत सिंह) और हिमगानी मोजा (बीरबल की पत्नी) सहित अन्य किरदारों ने मंच पर जान डाल दी।