विधानसभा में बुधवार को एक बार फिर से राज्य को आवंटित हज कोटे का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक जीएम सरूरी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस बार सरकार को राज्य के हज उम्मीदवारों से कुल 32000 आवेदन प्राप्त हुए थे।
इनमें से केवल 6000 को हज पर जाने के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य को विशेष कोटा दिया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ऐसा करने में विफल रही है।
सरूरी ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने सदन में यह मुद्दा उठाया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। सरकार कोई जवाब तो दे। सरूरी के इस सवाल पर विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी उनका समर्थन किया। सदन में हज कोटे के मुद्दे को तूल पकड़ता देख स्पीकर कविंद्र गुप्ता ने सरकार को इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
हज और औकाफ मंत्री फ़ारूक़ अहमद अंद्राबी ने कहा कि जो कोटा राज्य को मिला है, वह मदीना में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते है। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री और उन्होंने यह मुद्दा संबंधित अधिकारियों से उठाया है। उम्मीद जताई कि कुछ विशेष कोटा मिल पाएगा।