परिवार वालों की अनदेखी के साथ-साथ वृद्ध आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को सरकार की अनदेखी का भी सामना करना पड़ रहा है। जीवन के आखिरी पड़ाव में बच्चों ने परिवार का सुख छीन लिया, वहीं सरकार ने भी मतदान का अधिकार नहीं दिया है।
कभी सरकार चुनने में अपनी भूमिका निभाने वाले इन बुजुर्गों के पास मतदाता पहचान पत्र तक नहीं है। अंबफला स्थित ओल्डएज होम में रहने वाले पच्चास के करीब बुजुर्गों के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है।
वह अब ऐसी कोई पहचान चाहते भी नहीं हैं। वृद्धाश्रम में रहने वाले केवल कृष्ण कहते हैं कि हम रोज समाचार पत्र पढ़ते हैं। पता है कि चुनाव होने वाले हैं। मतदाता सूचियां प्रकाशित हो गई हैं, लेकिन हम वोट नहीं दे सकते, क्योंकि हमारे पास वोटर कार्ड नहीं है। विष्णु दत्त भी उदासी के भाव में कहते हैं कि हमारी परिवार के साथ-साथ सरकार ने भी अनदेखी की है।