नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला
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अनेकता में एकता रखने वाला देश मुश्किल दौर में है। देश की सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को बिगाड़ने का काम करते हैं। क्षेत्र और धर्म के आधार पर लोगों को बांटने वालों को अवाम एकता और भाईचारा कायम रखकर करारा जवाब दे सकती है।
मेंढर में जनसभा को संबोधित करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नफरत और शक का ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जिसमें देश को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे लोगाें को अलग थलग करना होगा।
उन्हाेंने शेरे कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का जिक्र करते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्षता के लिए उन्होंने भरसक प्रयास किए। पंचायताें को लोकतंत्र का जमीनी आधार बताते हुए डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा आगामी चुनाव में युवा और महिलाएं अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएं। वोट के माध्यम से ऐसा फैसला सुनाएं ताकि समाज विरोधी ताकतें चित हो जाएं।
उन्होंने कहा सत्ता का आधार अवाम ही है। उन्होंने कहा कि पंचायतों और शहरी निकायों की स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बढ़ती जनसंख्या और उसकी जरूरतों से बुनियादी सुविधाओं के लिए दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सत्ता का भागीदार बनकर लोग जवाबदेही तय करें। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मेंढर और सुरनकोट के पदाधिकारी भी मौजूद थे।