रक्षाबंधन पर स्वामी अमरनाथ जी की वार्षिक छड़ी मुबारक को सीमित साधुओं के साथ चापर से पवित्र गुफा तक ले जाया जाएगा। इस साल कोविड महामारी के कारण यात्रा रद्द किए जाने से पारंपरिक पहलगाम ट्रैक को क्लीयर नहीं किया गया है, जिससे चापर से ही छड़ी को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचाना तय है।
महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि पिछले साल भी कोविड के कारण चापर से ही छड़ी मुबारक पवित्र गुफा तक गई थी और इस बार यह प्रस्तावित है। इसमें साधु संतों सहित 12-13 सदस्य ही शामिल होंगे। पवित्र गुफा में हिमलिंग के दर्शन के बाद छड़ी पहलगाम में रुकेगी और अगले दिन 23 अगस्त को लिद्दर नदी में छड़ी का पूजन विसर्जन के साथ समापन किया जाएगा।
महंत गिरि ने बताया कि नागपंचमी (श्रवण शुक्ल पक्ष पंचमी) के अवसर पर 13 अगस्त को दशनामी अखाड़ा, श्रीनगर में पारंपरिक छड़ी पूजन किया जाएगा। छड़ी मुबारक (पवित्र गदा) को अमरेश्वर मंदिर अखाड़ा भवन बुदशाह चौक श्रीनगर में रखा गया है। छड़ी मुबारक भगवान शिव और मां पार्वती को दर्शाती है। इसे अखाड़ा भवन के मंदिर में 22 अगस्त को तीर्थ यात्रा के मुख्य मार्ग के लिए रवाना होने तक दर्शन के लिए रखा जाएगा।
कोविड प्रोटोकॉल के तहत भक्तों को श्री अमरेश्वर मंदिर में सुबह 10 से 11 बजे और शाम 6 से 7 बजे तक पवित्र गदा के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। महंत गिरि की ओर से वर्ष 2004 में स्थापित द ट्रू ट्रस्ट की ओर से वार्षिक छड़ी मुबारक का आयोजन किया जा रहा है।