पहली बार सीमांत गांव में भी अर्धसैनिक बलों की गश्त शुरू की गई है। टीआरएफ के वायरल धमकी भरे पत्र पर एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह का कहना है कि इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंकी संगठन बौखला गए हैं। यात्रा को बाधित करने के लिए धमकियां दी जा रही हैं। आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा पत्र वायरल किया है। इसमें कहा गया है कि वह यात्रा को सफल नहीं होने देगा। हालांकि पुलिस की तरफ से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
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तीन साल बाद होने वाली यात्रा में आठ लाख से अधिक यात्रियों के आने की संभावना है, जो आतंकी संगठनों को पच नहीं पा रहा। यात्रा की सुरक्षा में इस बार सुरक्षा बल दोगुनी संख्या में तैनात होंगे। तमाम सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यात्रा को सफल बनाने में जुटी हुई हैं।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार यात्रा होने जा रही है। 60 हजार से अधिक सुरक्षाबलों को यात्रा की सुरक्षा में लगाया जाएगा। इसके लिए हर तरह के बंदोबस्त किए जा रहे हैं। अर्धसैनिक बलों के साथ प्रदेश पुलिस ने लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। इसके अलावा सीमांत इलाकों में भी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।