पाकिस्तान में लश्कर-ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद पर सख्ती के बाद बार्डर और एलओसी पर आतंकियों की सक्रियता बढ़ गई है। पाकिस्तान सेना की ओर से आतंकी घुसपैठ को कवर फायर देने के लिए सीजफायर उल्लंघन फिर से शुरू हो गया है।
आम तौर पर बर्फबारी के दौरान आतंकी घुसपैठ और सीजफायर के उल्लंघन की घटनाएं कम हो जाती थीं, लेकिन इस बार पीओके और पाक के लांचिंग पैड पर आतंकियों का जमावड़ा बढ़ गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है।
एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकियों की घुसपैठ कराने के प्रयास अभी और तेज हो सकते हैं। नजरबंदी और विदेश यात्रा पर रोक के बाद लश्कर सरगना हाफिज ने इस कार्रवाई को अमेरिका और भारत के दबाव में उठाया गया कदम बताया था।
मौजूदगी साबित करने के लिए आतंकी कर सकते हैं हमले
आतंकी कर सकते हैं हमले
- फोटो : File Photo
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन कश्मीर घाटी में अपनी मौजूदगी को साबित करने के लिए किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 के विरोध को राष्ट्र विरोधी बताए जाने के बाद के घटनाक्रम से घाटी में भी हलचल बढ़ी है।
भाजपा के विरोध के बाद स्पीकर द्वारा टिप्पणी एक्सपंज करने के विवाद के बाद अलगाववादियों की गतिविधियां भी तेज हुई हैं। अलगाववादी इसे कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने की साजिश के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले अप्रैल से घाटी में हालात बिगड़ने के बारे में गृह मंत्रालय को सूचित किया था।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा हाफिज की नकेल कसने के बाद लश्कर-ए- तैयबा के आतंकी बदले की कार्रवाई के रूप में फिदायीन हमला कर सकते हैं। बार्डर पर बीएसएफ और एलओसी पर सेना को सतर्क कर दिया गया है। हाफिज पर सख्ती के तुरंत बाद पुंछ इलाके में पाकिस्तान द्वारा गोलाबारी की शिकायत ग्रामीणों ने की और अब सांबा में सीजफायर का उल्लंघन हुआ है।
पाक गोलाबारी के पीड़ित 700 लोग अब भी शिविरों में
सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में बेघर हुए लोग
- फोटो : डेमो फोटो
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान द्वारा सीजफायर के उल्लंघन से 27449 लोग बेघर हुए। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर कैंपों में ठहराया गया। वर्तमान में 220 परिवारों के 700 लोग बार्डर पर तीन राहत शिविरों में हैं।
पाकिस्तान ने 439 बार सीजफायर का उल्लंघन किया जिसमें 13 जवान शहीद हुए और 12 नागरिक मारे गए। जवानों और ग्रामीणों में घायलों की संख्या 179 है और गोलाबारी में 111 घर ध्वस्त हुए।