हाल के दिनों में आतंकियों ने हमला करने की रणनीति को बदल दिया है। यह बदली रणनीति भारी पड़ रही है। जिसने तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एजेंसियों की मुश्किल बढ़ा दी है, जिससे निपटना एक बड़ी चुनौती है। बदली रणनीति से साफ है कि आतंकी अब पहले से अधिक हाईटेक हो गए हैं।
अब आतंकी अपने साथ हमला करने के लिए केमिकल विस्फोटक सामग्री ला रहे हैं। पहले आतंकी इस तरह की सामग्री कम लाते थे। यह सामग्री अधिक नुकसान करती है। इसके अलावा आतंकियों को स्थानीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। नगरोटा हमले में आतंकियों ने पहली बार पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल किया है।
यह वर्दी भी भारतीय सीमा में सिली हुई बताई जा रही है। सूत्रों का मानना है कि आतंकियों की यह वर्दी घाटी में सिली गई है। ओवर ग्राउंड वर्करों ने आतंकियों को वर्दी दिलाने से लेकर उनको नगरोटा की 166 यूनिट तक पहुंचाने में रैकी की। खुफिया एजेंसियां इस पर मंथन कर रही हैं कि आतंकी बाद में हमले के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ, एयरफोर्स या किसी निजी संस्थान की वर्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।