बाजार में सहज उपलब्ध सैन्य वर्दी आतंकियों के लिए ढाल बन गई है। सैन्य वर्दी में आतंकी सामने होते हुए भी बच निकलने में सफल हो जाते हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में सैन्य वर्दी न सिर्फ आतंकियों के लिए बेहद कारगर साबित हुई, बल्कि सुरक्षा बलों को असहाय भी करती रही है। शुक्रवार को फिर ऐसा ही हुआ।
सैन्य वर्दी पहने आतंकियों ने आसानी से नागरिकों को बंधक बनाया और पुलिस थाने में दाखिल होने में कामयाब हो गए। पुलिस थाने के मुख्य गेट पर संतरी ने सैन्य वर्दी का गच्चा खाया। इसके बाद शुरुआती समय में सुरक्षा बलों को आतंकी बिल्कुल सामने नजर आए, लेकिन सैन्य वर्दी पहने होने की वजह से वह उन पर गोली नहीं चला पाए।
जिला अस्पताल में भर्ती सीआरपीएफ के जवान झंकार प्रकाश ने बताया कि आतंकी हमला होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद बल के जवान वाहन के साथ थाने की तरफ गए। वह वाहन के ऊपर चढ़ा हुआ था। उसने दोनों आतंकियों को दो बार बिल्कुल पास से देखा। उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि वह सैन्य वर्दी पहने आतंकी हैं या नहीं।
यदि उन्हें इस बात का पता होता तो वह आसानी से दोनों आतंकियों को शूट कर सकते थे। लेकिन वह कुछ समझ पाते इससे पहले ही आतंकियों ने उनके वाहन पर गोलियां बरसा दीं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हीरानगर पुलिस थाने पर 27 सितंबर 2013 को किए गए आतंकी हमले के दौरान भी सैन्य वर्दी पहने आतंकियों को सैन्य जवान समझकर थाने में प्रवेश दे दिया गया था।