लगातार घुसपैठ की कोशिशों में जुटे आतंकी संगठन खराब मौसम की आड़ में घुसपैठ का बड़ा प्लान बना रहे हैं। एलओसी और बार्डर पर तीन सौ से अधिक आतंकी घात लगा कर बैठे हुए हैं। खराब मौसम में आतंकियों पर नजर रखना हमेशा ही सुरक्षा बलों के लिए चुनौती रहता है। ऐसे में ताजा इनपुट आने से चुनौती और बढ़ गई है।
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार एलओसी और बार्डर पर आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। कश्मीर में बर्फबारी होने की वजह से आतंकी जम्मू संभाग से घुसपैठ कर हमला करने की रणनीति बना रहे हैं, क्योंकि कश्मीर की तुलना में जम्मू संभाग में बर्फबारी काफी कम होती है।
राजोरी पुंछ की एलओसी और जम्मू, सांबा एवं कठुआ जिलों के बार्डर पर आतंकी घुसपैठ करना चाहते हैं। आतंकियों ने खराब मौसम पर नजर गढ़ाई हुई है। कठुआ, पंजाब, जम्मू और सांबा के बार्डर पर काफी घना कोहरा पड़ना शुरू हो गया है। रात के बाद दिन को भी रोशनी काफी कम रहती है। इससे बार्डर पर नजर रखने के लिए लगाए गए यंत्र भी प्रभावित होते हैं। आतंकी इसका लाभ उठाकर घुसपैठ कर आते हैं।
नई जगह से हो सकती है घुसपैठ
आतंकी घुसपैठ की साजिश
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आतंकी किसी नए क्षेत्र से घुसपैठ कर सकते हैं, क्योंकि सुरक्षा बल घुसपैठ के मुख्य रास्तों पर नजर रखते हैं। ऐसे में आतंकी ऐसा रास्ता खोज रहे हैं, जहां पर पहले कभी घुसपैठ न की हो।
पिछले साल नवंबर में ही आतंकियों ने अरनिया के कठार में हमला किया था। खास तौर पर कठुआ में घने जंगलों और नदी नालों से घुसपैठ की कोशिश होगी। पंजाब के बार्डर को भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
सीमा पर पहले ही एलर्ट पर हैं सुरक्षाबल
सीमा पर तैनात जवान
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जम्मू, सांबा कठुआ रेंज के डीआईजी अशकूर वानी का कहना है कि नगरोटा हमले के बाद रेड अलर्ट किया गया है। नदी नालों पर नजर रखी जा रही है। बार्डर के नाकों पर अतिरिक्त तैनाती की गई है।
धुंध के मौसम में जवानों को अतिरिक्त गश्त करने के लिए कहा गया है। बार्डर के लोगों से भी कहा गया है कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि और संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिलने पर पुलिस को तुरंत सूचित करें।