सूत्रों का कहना है कि नावेद उर्फ कासिम ने यह भी बताया कि कश्मीर में लश्कर के आपरेशन हेड पाकिस्तान के अबु कासिम ने दोनों आतंकियों को उधमपुर के लिए भेजा था। वही इन दोनों को हैंडल कर रहा था।
सनद रहे कि कश्मीर में तैनात लश्कर के आला कमांडरों को उनकी असली पहचान छुपाकर अबू कासिम और अबू हमजा नाम से भी पुकारा जाता है। कई दिनों तक अनंतनाग में रहने के बाद वे दोनों ट्रक में सवार होकर समरौली पहुंचे।
उनका मुख्य निशाना अमरनाथ यात्रा और बीएसएफ का कानवाई था। नावेद ने बताया कि वह तीन अगस्त को अबु कासिम से कश्मीर में मिला। वह और उसका साथी खुदवानी क्षेत्र में अबु से मिला। कश्मीर में उन्होंने सेना पर हमले की योजना बनाई थी, लेकिन इसमें कामयाब नहीं हो पाए।