खुफिया एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो हीरानगर सेक्टर के सामने पड़ते पाकिस्तान के गांवों में आतंकियों के दो समूह बार बार दिखने की सूचनाएं मिल रही थीं। पांच से छह और सात से आठ की संख्या में दो अलग अलग समूह कई दफा अपनी पोजीशन बदलते देखे गए।
बाकायदा धार्मिक स्थल, प्रमुख इमारतों का हवाला देकर हथियारबंद आतंकियों की मूवमेंट और ठिकाने बदलने के क्रम के बारे में इनपुट जारी किए गए। सूत्रों के अनुसार समझा जाता है कि एक समूह घुसपैठ में कामयाब रहा है जबकि आतंकियों की ज्यादा संख्या वाला दूसरा समूह अब ट्रैक नहीं हो पा रहा है।
सीमा पार के हालात पर नजर रखने वाली खुफिया एजेंसियां दिसंबर के अंत या फिर जनवरी महीने में आतंकी हमले की साजिश का इनपुट जारी कर रही थीं।