पुलिस से हथियार छिनकर भाग रहे एक पूर्व आतंकी सज्जाद मलिक उर्फ बिट्टा ग्रेनेड को वीरवार देर शाम अनंतनाग जिले के डोरू में मार गिराया।
उसके पास से छिना गया हथियार भी बरामद हुआ है। मारा गया पूर्व आतंकी सरपंच भी रहा है। वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर का करीबी था।
पुलिस का कहना है कि मारे गए आतंकी को पत्थरबाजी के आरोप में पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया था। उसे वीरवार को इलाज के सिलसिले में अस्पताल लाया गया था। यहां से वह एक पुलिसकर्मी की रायफल छिनकर भाग निकला। सूचना पर एसओजी तथा सेना की 19 राष्ट्रीय रायफल्स ने उसका पीछा कर उसे घेर लिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में वह मार गिराया गया।
आतंववाद के शुरुआती दौर में आतंकी बना था सज्जाद
मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाले जवान
- फोटो : File Photo
आईजी कश्मीर जोन सैयद जावेद मुस्तफा गिलानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि पूर्व आतंकी हथियार छिनकर फरार हुआ था। फिर भी पुलिस हर पहलु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया गया है। बताते हैं कि जब घाटी में आतंकवाद शुरू हुआ तो उस समय सज्जाद आतंकी बन गया था, लेकिन, बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गया।
मुठभेड़ पर विवाद
पूर्व आतंकी के मुठभेड़ में मारे जाने पर विवाद खड़ा होता दिख रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने इसे कस्टोडियल किलिंग बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। मीर का कहना है कि सज्जाद एक ईमानदार कांग्रेस कार्यकर्ता था। कुछ महीने पहले उस पर पत्थरबाजी और हिंसा भड़काने के मामले थोप कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट से उसे जमानत भी मिल गई, लेकिन, उसे रिहा नहीं किया गया। अब सोची समझी साजिश के तहत उसे मार गिराया गया।