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भाजपा नेता व भाई की हत्या से किश्तवाड़ में गुस्सा और प्रदर्शन, सेना का फ्लैग मार्च, एसआईटी गठित

Sat, 03 Nov 2018 05:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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indian army - फोटो : बासित जरगर
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भाजपा के राज्य सचिव अनिल परिहार व उनके भाई अजीत परिहार की आतंकियों की ओर से की गई हत्या से पूरे किश्तवाड़ व आस-पास के जिलों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी तनाव रहा। किश्तवाड़ के साथ ही डोडा व भद्रवाह में कर्फ्यू रहा। तनाव को देखते हुए किश्तवाड़ में सेना ने फ्लैग मार्च किया। पूरे शहर में सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम किए गए हैं। इस बीच हत्यारों की तलाश में व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया है। जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन नियंत्रण में हैं। सेना ने फ्लैग मार्च किया है। शुक्रवार की देर शाम दोनों भाइयों की अंत्येष्टि की गई। बारिश के बाद भी भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

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पूरा शहर सेना, पुलिस व सीआरपीएफ की सुरक्षा में रहा। सेना के जवान दिन भर शहर में हालात पर नजर बनाए रहे। श्मशान घाट के अलावा कहीं पर भी किसी को प्रदर्शन नहीं करने दिया गया।  प्रशासन ने रात को ही कर्फ्यू लगने की सूचना दे दी थी। इस कारण शुक्रवार को शिक्षण संस्थान व सरकारी कार्यालय पूरी तरह से बंद रहे। किश्तवाड़ की सड़कों व गलियों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। सेना की तरफ से दिन में कई बार फ्लैग मार्च किया गया। लगातार माइक के जरिये भी लोगों को कर्फ्यू के बारे में सूचित किया जाता रहा। किसी को भी सेना ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। कुछ लोगों ने कर्फ्यू के बीच प्रदर्शन का प्रयास किया, लेकिन सेना व पुलिस ने इसे नाकाम कर दिया। 

हत्या की जांच एसआईटी करेगी
भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या के मामले की जांच स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (सिट) करेगी। जांच के लिए गठित टीम की कमान एएसपी परबीत सिंह को सौंपी गई है। जबकि हिरासत में लिए गए भाजपा नेता के दोनों पीएसओ ओम प्रकाश और साहिल कुमार से कड़ी पूछताछ की जा रही है। किश्तवाड़ के डीसी अंग्रेज सिंह ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाने का निर्देश दिया। जो पूरे मामले की जांच करेगी। डीसी का कहना है कि यदि दोनों पीएसओ साथ होते तो, शायद यह घटना नहीं होती।

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