केलम जामिया ए मस्जिद में हमला करने वाले 10 दोषियों को कुलगाम के प्रिंसिपल सेशन जज सुभाष सी गुप्ता ने दस-दस साल की कठोर सजा दी है। मस्जिद पर हमले के दौरान एक युवक नवाज अहमद की मौत हो गई थी। सजा पाने वालों में रज्जाक पर्रे उर्फ अमा, अजीज भट, जलील भट, मंजूर भट, सरताज भट, सैयद भट, दाउद पाडर, शौकत भट, बशीर अहमद भट, गनी भट शामिल हैं।
दोषियों को सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि यह सिर्फ अदालत की ड्यूटी नहीं, बल्कि समाज और कानूनी कर्त्तव्य है कि कानून के अनुसार ऐसे लोगों को पर्याप्त सजा मिलनी चाहिए। अदालत ने पाया कि दोषियों ने इस केस में छह साल तक ट्रायल का सामना किया है। वर्तमान केस में कानूनी सेवाओं के लिए उन्होंने काफी राशि भी खर्च की है। उन्हें किए गए अपराध का पछतावा भी हुआ होगा।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दसों आरोपियों को 10-10 साल की सजा और धारा 323 और 149 के तहत साढ़े पांच-साढ़े पांच हजार का जुर्माना सुनाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पुलिस केस के अनुसार 19 सितंबर 2009 को शिकायतकर्ता गुलाम मोहिउद्दीन भट ने बताया कि वह मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने शिकायतकर्ता और अन्य नमाजियों को पीटा और पत्थर चलाए।
इस दौरान उनके भतीजे नवाज अहमद भट पर कातिलाना हमला किया गया। जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान जज ने 28 लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने पर उन्हें बरी कर दिया। अन्य दस लोगों को दोषी करार उनकी सजा मुकर्रर की। जेएनएफ