रियासत के पूर्व मुख्य सचिव और जाने-माने अफसरशाह अशोक जेटली का मंगलवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। 1964 में आईएएस बनने वाले जेटली को जम्मू-कश्मीर का कैडर सौंपा गया था। कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने के बाद जेटली ने रियासत के मुख्य सचिव के रूप में 1996-2002 तक अपनी सेवाएं प्रदान कीं। 2002 में वह सेवानिवृत्ति हुए और छह माह तक प्रदेश सरकार के सलाहकार के रूप में काम किया।
वह पिछले लंबे समय से बीमार थे और नई दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। राज्यपाल एनएन वोहरा ने जेटली के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह एक सक्षम प्रशासक थे और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में बेहतर काम किया है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी निष्ठा और प्रशासनिक क्षमता की बदौलत मुख्य सचिव पद तक पहुंचे। रियासत के विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई और जेटली की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की। नेशनल कांफ्रेंस के प्रेसीडेंट फारूक अब्दुल्ला ने जेटली के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि रियासत में उनकी सेवाओं को लंबे समय तक याद किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जेटली जाने-माने बेहतरीन जन सेवक थे और फारूक अब्दुल्ला के विश्वासपात्रों में से एक थे। उन्होंने उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की।
जेटली के निधन का समाचार प्राप्त होते ही श्रीनगर सचिवालय में शोक सभा हुई, जिसमें तमाम प्रशासनिक सचिव उपस्थित थे। रियासत के मुख्य सचिव इकबाल खांडे ने कहा कि उनके निधन का समाचार उनके लिए झटका था। खांडे ने कहा कि जेटली बुद्धिमान व्यक्ति थे और उनमें तत्काल फैसला लेने की क्षमता थी। उनके अधीन काम करते हुए वह उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित रहे।
योजना एवं विकास के प्रधान सचिव बीआर शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बीबी व्यास सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रीनगर पुलिस हेडक्वार्टर में आयोजित शोकसभा में डीजीपी के राजेंद्रा कुमार सहित अन्य उच्च पुलिस अधिकारियों ने जेटली को श्रद्धांजलि दी।