माडी स्थित जनरल जोरावर सिंह मेमोरियल डिग्री कालेज में मौजूदा समय में मुख्य प्रोफेसर नहीं होने से यहां पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की की पढ़ाई तो बाधित हो ही रही है, वही उनका भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है।
जबकि जिला मुख्यालय में यह कालेज होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बारहवीं पास करने के बाद यही कालेज विद्यार्थियों का एकमात्र विकल्प है, लेकिन यहां कई प्रकार की कमियां हैं। मिली जानकारी के मुताबिक इस समय कालेज में राजनीतिक विज्ञान, गणित, विज्ञान व अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले ही प्राध्यापक हैं।
जबकि ज्योलॉजी, बाटनी, कैमेस्ट्री, फिजिक्स, बीसीए, अंग्रेजी, एजूकेशन, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, हिंदी, उर्दू, डोगरी के साथ ही इतिहास पढ़ाने वाला कोई प्राध्यापक नहीं है। इन सभी मुख्य विषयों को पढ़ने के लिए यहां दाखिला लेने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों के अनुसार वे लोग कालेज की इस समस्या को लेकर कई बार बात कर चुके हैं, लेकिन इसके हल के प्रयास नहीं किये गए हैं।