जम्मू के टैक्सी चालकों को रोजाना 15 लाख की क्षति का सामना करना पड़ रहा है। शारदीय नवरात्र जारी है। वहीं, रेलवे स्टेशन पर मौजूद टैक्सी चालकों को सुस्त व चिंतित बैठा देखा जा रहा है। पिछले माह राज्य र्में आई बाढ़ की त्रासदी ने यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट पैदा कर दी है, जिससे टैक्सी चालक इस साल नवरात्र जैसे त्योहारी सीजन में चिंतित हो रहे हैं।
टैक्सी चालकों को रोजाना पंद्रह लाख का नुकसान हो रहा है जबकि प्रत्येक टैक्सी के रखरखाव और प्रतिदिन के खर्चे पर 722 रुपये का खर्च पड़ रहा है।
टैक्सी चालक यूनियन जम्मू के जनरल सेक्रेटरी संजय शर्मा का कहना है कि जम्मू में पिछले साल की तुलना में इस साल आई बाढ़ के कारण देशभर में राज्य की इतनी त्रासदी दिखाई गई कि यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज हो रही है।
टैक्सी जैसे कारोबार पर रोजाना 15 लाख का नुकसान हो रहा है। इस समस्या को मीडिया के माध्यम से पिछले दिनों उठाने का प्रयास भी किया गया तथा सरकार को ज्ञापन भी सौंपा गया है ताकि उनकी समस्या के प्रति ध्यान दिया जा सके।
एसआरटीसी बस सेवा में भी छाई उदासी
जम्मू रेलवे स्टेशन से माता वैष्णो देवी तक जानेवाली एसआरटीसी की करीब पचास-साठ बसों के कामकाज पर भी असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि इधर से तो बसों पर सवारियां जाती हैं लेकिन, कटड़ा से बसें तकरीबन खाली आती हैं, जिससे एसआरटीसी बसों के कारोबारपर असर पड़ रहा है। यह सीधा असर बाढ़ के कारण है।