बिजली आपूर्ति बहाली के लिए काम करती टीम
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पिछले पांच दिनों से अरब सागर के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भारी तबाही की वजह बने चक्रवाती तूफान ताउते के असर के चलते गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। सैंकड़ों कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है, बड़ी संख्या में पेड़ गिरे हैं। छतें उड़ गईं और बिजली के पोल भी उखड़ गए हैं। कई इलाकों में लोगों को रात बिना बिजली के बितानी पड़ी। शुक्रवार सुबह पानी का संकट भी झेलना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार शाम के बाद पश्चिमी विक्षोभ से दो मिली मीटर बारिश और गरज के साथ बौछार का अनुमान था। लेकिन चक्रवाती तूफान ताउते के प्रभाव के कारण प्रदेश के कई जिलों में 48 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं। जिससे व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
जानकारी के अनुसार, जम्मू में 9.0 मिमी, बनिहाल में 13.0 मिमी, बटोत में 22.2 मिमी, कटड़ा में 12.6 मिमी, भद्रवाह में 13.6 मिमी, कठुआ में 27 मिमी, जम्मू हवाई अड्डा में 14.0 मिमी, उधमपुर में 14.2 मिमी, रामबन में 14 मिमी, पुंछ में 24.0 मिमी, किश्तवाड़ में 7.0 मिमी और चट्ठा स्थित मौसम विभाग के स्टेशन पर 18.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि आईएमडी जम्मू की ओर से ली गई जानकारी के अनुसार ताउते चक्रवात के प्रभाव ने प्रदेश में आए तूफान को और भी प्रभावी बना दिया। कुछ ही मिनटों में जहां भारी बारिश दर्ज की गई है, वहीं संभाग के कई इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली हैं।
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