- पूरे देश की सहानुभूति पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों के साथ : तारिक कर्रा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिंसक अशांति के बीच कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है। पार्टी ने उस क्षेत्र में चल रही उत्पीड़न की राजनीति की निंदा की।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पत्रकारों से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने कहा कि पूरे देश की सहानुभूति पीओके के लोगों के साथ है। कर्रा ने कहा कि संसद पहले ही एक प्रस्ताव पारित कर चुकी है कि पीओके भारत का हिस्सा है और हमारी व पूरे देश की सहानुभूति उनके साथ है। वहां के लोगों के साथ अलोकतांत्रिक तरीके से व्यवहार किया जा रहा है। कांग्रेस वहां चल रही उत्पीड़न और उत्पीड़न की राजनीति के खिलाफ है।
वे जम्मू-कश्मीर का अभिन्न अंग हैं और हमारी पूरी सहानुभूति उनके साथ है। पिछले कुछ दिनों में पीओके में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 10 लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी बुनियादी अधिकारों, न्याय और व्यवस्थागत उत्पीड़न के खात्मे की मांग कर रहे हैं।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर देते हुए कर्रा ने कहा कि पार्टी ने हमेशा फिलिस्तीन के लोगों के हितों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी वह व्यक्ति थीं जिन्होंने फिलिस्तीन के हितों की रक्षा की। हमने फिलिस्तीन के लोगों को पूर्ण समर्थन दिया है और हम इसे जारी रखेंगे। लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उनकी नजरबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के बारे में पूछे जाने पर जेकेपीसीसी प्रमुख ने कहा कि वांगचुक भाजपा की माय वे ऑर हाईवे वाली मानसिकता का शिकार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हर किसी को किसी भी मंच पर जाने का अधिकार है। कांग्रेस पार्टी का रुख स्पष्ट है। ये वही वांगचुक हैं जिन्हें भाजपा ने अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त करते समय राष्ट्रवादी के रूप में पेश किया था। भाजपा ने अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण की सराहना करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करने के लिए उनका इस्तेमाल किया। कर्रा ने कहा कि पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक स्तर पर उनके (वांगचुक के) योगदान की पहले भी सराहना की गई थी लेकिन अब उन्हें राष्ट्र-विरोधी कहा जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी सत्र में जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा उठाएगी।