जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझ कर उन इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है, जहां मुसलमान समुदाय के लोग रह रहे हैं। कहा कि मुसलमान समुदाय के गुज्जर बकरवाल जो जंगलों के असली रखवाले हैं उन्हें ही वहां से खदेड़ा जा रहा है। अगर उनके साथ छेड़छाड़ की गई तो आने वाले दिनों में सख्त नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
महबूबा मुफ्ती अपने कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम के लिद्रू गांव में गुज्जर बकरवाल समुदाय के लोगों से उनका हाल पूछने के लिए पहुंची थीं। यहां वे कई ऐसे लोगों से मिलीं, जिन्हें जमीन खाली करने को कहा गया है। उनकी समस्या जानने के बाद मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक नाजायज कार्रवाई शुरू की गई है, यह उसी का हिस्सा है।
डोमिसाइल कानून खत्म कर पूरे मुल्क से लोगों को लाया जा रहा है, जबकि यहां रहने वाले गुज्जर बकरवाल समुदाय को खदेड़ा जा रहा है। महबूबा ने आरोप लगाया कि जहां मुसलमान समुदाय के गुज्जर बकरवाल हैं, केवल उन्हीं जगहों को निशाना बनाया जा रहा है। यह केवल कश्मीर का हाल ही नहीं है, बल्कि जम्मू में भी जहां-जहां मुस्लिम आबादी है, वहां से भी इन्हें खदेड़ा जा रहा है। महबूबा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इनके साथ छेड़छाड़ की गई तो नतीजे ठीक नहीं होगे।
जमीन को सेल पर रखना चाहती है सरकार
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर की जमीन को सेल पर रखना चाहती है। सरकार ने पहले ही 24 हजार कनाल जमीन इंडस्ट्री को दी है। वो जंगल है, हमारा सरमाया है और आज आप इन लोगों को खदेड़ कर किसको यह जमीन देना चाहते हैं।