इसके साथ उनकी सेहत पर नियमित नजर रखी जाती है। कश्मीर में बर्फबारी के साथ स्वाइन फ्लू के मामलों के आने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर डॉ. समीर मट्टू के अनुसार अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला नहीं आया है। स्वाइन फ्लू के मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं। जीएमसी जम्मू में पिछले कई वर्षों से करोड़ रुपया खर्च करने के बावजूद स्वाइन फ्लू की अपनी लैब तैयार नहीं हो पाई है। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड को तैयार किया गया है। इसमें स्टाफ के साथ जरूरी दवाओं और अन्य दूसरी सामग्री को उपलब्ध करवाया गया है।
--क्या करें--
- लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति अन्य लोगों से दूरी बनाएं
- खांसते अथवा छींकते समय मुंह व नाक को ढकें
- नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले व बाद में हाथों को धोएं
- भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें
- अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तथा तनाव को प्रभावी रूप से संभालें
--क्या न करें--
- लक्षण मिलने पर हाथ न मिलाएं, गले न लगें
- फिजिशियन की सलाह के बिना कोई भी दवाई का सेवन न करें, बाहर न थूकें