जम्मू बस अड्डे पर लगे गंदगी के ढेर।
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जम्मू। मंदिरों के शहर में स्वच्छता अभियान की शुरूआत में बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक दीवारों पर स्लोगन लिखवाए गए थे। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की नजर पड़े और वह स्वच्छता का महत्व समझें लेकिन यहां तो बस अड्डा ही अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। जहां न तो कभी सफाई की जाती है और न ही कूड़ा उठाया जाता है। हालत यह है कि मंदिरों के शहर जम्मू का मुख्य बस अड्डा आजकल बाहर से आने वाले यात्रियों का स्वागत गंदगी के ढेर कर रहा हैं। बस से उतरते वक्त सबसे पहले पांव गंदगी के ढेर पर ही पड़ता है। न तो बस अड्डे पर कोई कूड़ेदान स्थापित किया गया है और न ही नियमित रूप से सफाई हो रही है। इससे जहां-तहां कचरा ही कचरा बिखरा नजर आ रहा है। मगर प्रशासनिक अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा है। इससे शहर में स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है।
कोरोना के मद्देनजर लगाए लॉकडाउन के बाद अनलॉक प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश भर के धार्मिक स्थलों में दूसरे राज्यों से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। अधिकतर श्रद्धालु अभी सड़क मार्ग से जम्मू पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां उनका स्वागत गंदगी के ढेर कर रहे हैं। सफाई की उचित व्यवस्था न होने के कारण बस अड्डे की हालत दिन प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। बस अड्डे के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही है।
मुख्य बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए यात्री शेड में निजी गाड़ियां पार्क हो रही हैं। यहां लोगों को चलने फिरने में भी परेशानी हो रही है। यात्रियाें के बैठने के लिए लगाए गए बैंच भी खस्ताहाल हो चुके हैं, जिन्हें ठीक करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बस अड्डे के इर्द-गिर्द आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे यहां आने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।
बस स्टेंड पर लगे वाटर कूलर की हालत भी बहुत खराब है। इसमें मिट्टी जमी हुई है और पानी टपक रहा है। इससे दूसरे राज्यों से पहुंच रहे हजारों यात्रियों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि अगर बस अड्डे पर वाटर कूलर की सुविधा स्थापित की है, तो इसे सुचारू रूप से चलाया जाना चाहिए। इसकी सफाई की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।