पुलिस महकमे में सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले की आशंका पर समिति ने जांच शुरू कर दी है। जल्द ही इस मामले में अहम खुलासा किया जा सकता है। दूसरी तरफ इस घोटाले में जिन लोगों के शामिल होने का शक है, वह भूमिगत (अंडरग्राउंड) हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अखनूर की एक लाइब्रेरी का मालिक भी गायब है। एक अन्य शख्स भी भूमिगत है, जिसके द्वारा कई उम्मीदवारों से करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लेने का अंदेशा है।
सूत्रों का कहना है कि अखनूर उपजिले के चयनित एसआई सूची में सबसे अधिक उम्मीदवार हैं। अखनूर क्षेत्र के एक रिटायर बीएसएफ अफसर द्वारा करोड़ों रुपये लेने का शक है, जो भूमिगत हो गया है। बताया जा रहा है कि उक्त क्षेत्र के कई युवा ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी जमीन बेचकर पैसा दिया है। किसी ने 15 लाख तो किसी ने 20 लाख रुपये तक दिए हैं। कई उम्मीदवारों ने अपनी संपत्तियां बेचकर और घर गिरवी रखकर पैसे दिए हैं। बता दें कि भर्ती में धांधली की आशंका पर उप राज्यपाल ने गृह विभाग के आयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की है।
आरोप लगाए गए हैं कि चयन सूची में कई परिवार ऐसे हैं, जिनके घर के 3 से 4 युवा चयनित हुए हैं। कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके पास फर्जी डिग्री है या फिर वे चयनित होने के काबिल नहीं थे, फिर भी उनका चयन हो गया। इतना ही नहीं अखनूर की एक लाइब्रेरी में तैयारी करने वाले 60 अभ्यर्थियों के अंक 120 से अधिक आए हैं।
शक के घेरे में पुलिसकर्मी भी
सूत्रों का कहना है कि एसआई भर्ती घोटाले में कई पुलिसकर्मी भी शक के घेरे में हैं। जम्मू शहर के एक पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल पर भी शक की सुई है, जबकि पुलिस महकमे के एक एएसआई के तीन से चार रिश्तेदारों का चयन सूची में होना भी शक के घेर में है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अखनूर और मुट्ठी इलाकों में एसआई भर्ती का पेपर लीक होने का अंदेशा है। जांच टीम पुलिस के लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
जल्द पूरी होगी जांच
जांच शुरू कर दी गई है। अलग-अलग पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है। जल्द ही पता चल जाएगा कि भर्ती में क्या, कुछ हुआ है। इसमें जो भी आरोपी पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- आर के गोयल, गृह सचिव