भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्धों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। गौर करें तो इस महीने ही तीन संदिग्ध दबोचे गए हैं। इससे क्षेत्र में काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार सीमावर्ती गांव चक्क सद्दा के पास बीएसएफ की कटाव पोस्ट से एक संदिग्ध को उस समय दबोचा गया, जब वह जीरो लाइन के पांच सौ मीटर करीब पहुंच गया था।
सूत्रों के मुताबिक सोमवार को दोपहर के समय बीएसएफ की नौंवी वाहिनी के जवान जीरो लाइन के पास पेट्रोलिंग कर रहे थे कि उन्होंने सीमा की ओर जाते एक व्यक्ति को देखा। इसके बाद जवानों ने उसे घेरे में लेते हुए सीमा की तरफ जाने संबंधी पूछताछ शुरू की। गहन पूछताछ में उसने अपना नाम मोलिन पाटी निवासी आसाम बताया। हालांकि उससे कुछ भी बरामद नहीं हो सका है। बाद में बीएसएफ ने उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया।
गौरतलब है कि गत आठ सितंबर को कसबा के एक निजी गेस्ट हाउस से भी एक व्यक्ति को पकड़ा था। उसके कब्जे से आठ हजार नकली करेंसी, एक रिवाल्वर व चार राउंड भी बरामद हुए थे। उसी दिन सुबह एक अन्य व्यक्ति को भी उसी गेस्ट हाउस से हिरासत मे लिया गया था। रक्षा सूत्रों ने इसमें किसी बड़े गैंग के हाथ होने की आशंका से इंकार नहीं किया है। उनके अनुसार किसी सोची समझी साजिश के तहत आसामी लोगों को सीमा की टोह लेने के लिए भेजा जा रहा है।