विजयपुर का रहने वाला सुमित जंडयाल थार से दोपहर करीब डेढ़ बजे तालाब तिल्लो की तरफ से ज्यूल चौक की तरफ जा रहा था। एक प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार के मुताबिक इसी दौरान हमलावरों ने थार को रुकवाकर फायरिंग शुरू कर दी। थार में सुमित अकेले था।
जान बचाने के लिए उसने थार को बैक करने की कोशिश की, लेकिन पीछे कई वाहन होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमला करने वाले दो से तीन लोग थे। हमलावरों के भागने के बाद लोगों ने देखा तो सुमित जंडयाल खून से लथपथ पड़ा था। उसे अस्पताल ले जाया जाता, इससे पहले ही उसकी सांसें थम गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्या के बाद हत्यारे भागे नहीं। कुछ देर तक वहीं खड़े रहकर असलहे लहराते हुए कहते रहे-हमने मार डाला। बड़े इत्मीनान के साथ हत्यारे स्कूटी से भाग निकले। खौफ गैंग ने पोस्ट किया-भाई शुन्नू की हत्या का बदला हैवारदात के बाद सोशल मीडिया पर खौफ गैंग का एक पोस्ट वायरल होने लगा।
हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए इस पोस्ट में लिखा गया- ये भाई शुन्नू की हत्या का बदला है। इस वारदात को हमारे भाई अनिल राजे और बंटी राजे ने अंजाम दिया। हालांकि पुलिस ने इस पोस्ट में लिखी बातों को लेकर कोई पुष्टि नहीं की। पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। शुन्नू की हत्या में जंडयाल था आरोपीशुन्नू भी विजयपुर का रहने वाला था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी विजयपुर में ही हत्या कर दी गई थी। शुन्नू खौफ गैंग का गुर्गा था। इस हत्या में सुमित जंडयाल के भी शामिल होने का आरोप था।
हमलावरों ने जानबूझकर वारदात के लिए चुना ज्यूल चौकज्यूल चौक शहर का सबसे व्यस्त चौक है। हमेशा वाहनों की आवाजाही रहती है। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया उससे साफ है कि हमलावरों ने इस स्थान को जानबूझ कर चुना। वे चाहते थे कि हमला करने पर थार में सवार जंडयाल आगे पीछे चल रहे वाहनों से घिरा रहे और भाग न सके। जब आरोपियों ने फायरिंग की तो चालक वहां से भागने को कार बैक करने लगा, लेकिन पीछे वाहन इतने थे कि भाग नहीं सका। रंजिश के चलते हत्यावारदात का कारण गैंगवार है। सुमित जांडयाल गटरू गैंग का सरगना था। हम हर पहलू की गहनता से जांच कर रहे हैं।