अखनूर में मार गिराए गए ड्रोन और इससे मिली आईईडी मामले की जानकारी एनआईए ने भी ली है। एनआईए इससे पहले ड्रोन के दो मामलों की जांच कर रही है। इसमें वायुसेना स्टेशन पर हमला मुख्य रूप से शामिल है। एनआईए को सबूत मिले थे कि वायुसेना स्टेशन पर हुआ हमला पाकिस्तान में बनाई गई साजिश के तहत आतंकी संगठन लश्कर ने किया। इसमें चीन के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन तवी नदी से आए और वापस चले गए।
अखनूर में जो ड्रोन मिला है, वो भी वायुसेना स्टेशन पर हमले में इस्तेमाल ड्रोन की तरह ही है। ऐसे में एनआईए ने इस मामले की जानकारी प्राप्त की है, ताकि हमले की जांच में कुछ तथ्य जुटाए जाएं। सूत्रों का कहना है कि ड्रोन के पार्ट देखकर 24 घंटे के भीतर पता लगाया जा सकता है कि इसने कहां से और कितनी उड़ान भरी होगी।