रियासत की कृषि यूनिवर्सिटी को उद्यमिता विकास में शामिल करने के लिए कहा गया है। वैज्ञानिक स्टोरेज, डिहाईड्रेशन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, फलों, सब्जियों, पोल्ट्री एवं दूध उत्पादन के क्षेत्र में विवि को वोकेशनल ट्रेनिंग और आत्मनिर्भर बनने जैसे कार्यों की ट्रेनिंग देने पर बल दिया गया है।
सोमवार को राजभवन में कृषि विवि काउंसिल की 29वीं बैठक में विवि के चांसलर एनएन वोहरा ने इन तमाम बातों पर बल दिया। बैठक में प्रो चांसलर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और कश्मीर कृषि विवि के उपकुलपति नजीर अहमद भी थे।
बैठक में राज्यपाल ने विवि के उपकुलपति से यह भी कहा कि घाटी में शुरू किए जाने वाले उच्च घनत्व फल कृषि प्रणाली प्रोजेक्ट का अनुमान लगाएं कि यह कितना लाभदायक साबित होगा। इसके लिए कृषि विभाग की मदद भी लें।
कृषि विभाग के आयुक्त को निर्देश दिए कि यदि कोई नकली खाद, बीज, कीटनाशक की बिक्री करता पाया जाए तो उस पर कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने उपकुलपति से कहा कि कृषि विवि में पढ़ने वालों को खेतों तक भी अधिक से अधिक लेकर जाएं, ताकि वह जमीनी सतह पर कुछ सीखें।
स्टूडेंट्स को पोल्ट्री, दूध और अन्य खेतीबाड़ी के प्रोजेक्टों से रूबरू कराने पर बल दिया गया। हार्टीकल्चर मंत्री अब्दुल रहमान, वन मंत्री बाली भगत, कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन और कई अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।