जम्मू में निजी ट्रांसपोर्टरों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म नहीं होने से पिछले 20 दिनों से यात्री वाहन सड़कों से गायब हैं। हालांकि, जिलों में कोरोना कर्फ्यू लगा होने के कारण यात्री वाहनों की हड़ताल से लोगों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को समस्या आ रही है।
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जम्मू संभाग के कुछ जिलों को छोड़ दें तो अधिकांश जिलों में यात्री वाहन पूरी तरह से बंद हैं। इस कारण वाहन चालक, सह चालक और वाहन मालिकों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। वाहन मालिक बैंक की किस्ते जमा नहीं करवा पा रहे हैं।
ट्रांसपोर्टरों का कहना कि बैंकों ने कई वाहन मालिकों को एनपीए घोषित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन टीएस वजीर ने कहा कि हमारी गाड़ियां खड़ी हैं, बावजूद इसके हम चालक और सहचालक को वेतन दे रहे हैं। सरकार का रवैया ट्रांसपोर्टरों के प्रति काफी निराशाजनक है।