दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में हिजबुल के एक आतंकी को ढेर कर दिया। इस दौरान इलाके में भड़की हिंसा में एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए।
घायलों में 17 जवान भी शामिल हैं। मुठभेड़ के दौरान इलाके की एक मस्जिद में करीब 50 स्थानीय लोग फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना पुलवामा के नैना बटपुरा गांव की है, जहां मंगलवार शाम को सुरक्षा बलों को इलाके में तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ की 182 व 183 बटालियन ने संयुक्त रूप से इलाके में तलाशी अभियान छेड़ा।
दो आतंकी हुए फरार
घेरा सख्त होते देख आतंकियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण रात में आपरेशन स्थगित कर दिया गया, लेकिन घेराबंदी जारी रही।
बुधवार की सुबह करीब पांच बजे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर घेरा तोड़ने की कोशिश की। जवानों ने भी आंतकियों को मुहंतोड़ जवाब दिया।
अंतत: दोपहर में सुरक्षा बलों ने हिज्ब आतंकी शब्बीर अहमद भट (20 वर्षीय) को मार गिराया। वह पुलवामा का रहने वाला था। उसके पास से एक एके-47 राइफल समेत अन्य हथियार और गोल बारूद भी बरामद हुए। इस बीच उसके दो अन्य साथी फरार हो गए।
हिंसक झड़प में करीब 17 जवान घायल
जानकारी के अनुसार मुठभेड़ के दौरान ही कुछ स्थानीय लोग मुठभेड़ स्थल की ओर बढ़े और सुरक्षा बलों पर पथराव करने लगे। जवानों ने काफी संयम बरता। बवाल में करीब 17 जवान घायल हुए।
इनमें आईआरपी की 18 बटालियन के डीएसपी शेख नजीर अहमद गनई भी शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस की एक रक्षक गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया।
स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग की। इस दौरान करीब एक दर्जन लोग घायल हुए, जबकि तीन लोग गोली लगने से घायल हुए। इनमें से एक परवेज अहमद गुरु की मौत हो गई। इस खबर के फैलने के बाद तनाव और बढ़ गया।