पिछले साल सितंबर में श्रीनगर में आई बाढ़ में जेएंडके स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लैबोरेटरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी अब तक मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। इसके चलते सारा बोझ जम्मू की लैबोरेटरी पर पड़ रहा है। श्रीनगर के सैंपल भी यहां भेजे जा रहे हैं।
प्रदूषण की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जम्मू और श्रीनगर में ही लैबोरेटरी हैं। बाढ़ में श्रीनगर की लैबोरेटरी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से ही प्रदूषण जांच के मामले जम्मू की लैबोरेटरी में भेजे जा रहे हैं।
जम्मू की लैबोरेटरी के कर्मचारियों का कहना है पहले ही यहां स्टाफ की कमी है। अब श्रीनगर का काम भी यहां आ गया है। श्रीनगर से पानी के प्रदूषण की जांच, फिल्ट्रेशन प्लांट, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वायु प्रदूषण, फैक्ट्रियों के सैंपल हर रोज पहुंच रहे हैं।
जेएंडके स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन सुरेश चुग ने बताया कि श्रीनगर लैबोरेटरी में क्षतिग्रस्त हुए उपकरणों की मरम्मत नहीं हो पाई है। इनको अब बदलना पड़ रहा है। इसमें समय लग रहा है। इसलिए वहां लैबोरेटरी शुरू करने में देरी हो रही है।