सेवा पर्व के तहत डल झील में चलाया स्वच्छता अभियान, बोले- झील अब पहले से ज्यादा साफ
श्रीनगर। सेवा पर्व पखवाड़े के तहत रविवार को डल झील में सफाई अभियान चलाया गया। इसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पानी का अधिक उपयोग नदियों और झीलों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर
रहे हैं।
एलजी ने कहा कि झीलें और नदियां हमारी जीवन रेखा हैं। इन्हें संरक्षित करने की जरूरत है। प्राकृतिक संतुलन का सम्मान करते हुए इनको साफ करने के लिए संयुक्त प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास एकतरफा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में डल-निगीन झील और उसके आसपास के क्षेत्र के संरक्षण के लिए मिशन मोड में काम किया गया है। डल झील अब पहले से ज्यादा साफ है। बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटक यहां आ रहे हैं। झील का एक तिहाई से अधिक हिस्सा अब पहले जैसा हो गया है। पहली बार खुला क्षेत्र 20.3 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो गया है।
एलजी ने प्रशासन, नागरिकों, लेक कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी और स्वयंसेवी संगठनों की झीलों, नदियों व अन्य जल निकायों को उनके मूल रूप में बहाल करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लेक कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की ओर से शुरू किए गए कई प्रोजेक्टों से डल के निवासियों के जीवन स्तर में भी बदलाव हो रहा है। अमृत योजना के तहत सभी हाउसबोट को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ने का बड़ा अभियान चल रहा है।
एलजी ने अधिकारियों, शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों, सरकारी और निजी संस्थानों से आग्रह किया कि सेवा पखवाड़ा के दौरान शुरू किए गए अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें।
इस दौरान एलजी के प्रधान सचिव डॉ. मंदीप के भंडारी, आवास और शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर, आयुक्त अंशुल गर्ग, डीसी अक्षय लाबरु, एसएसपी डॉ. जीवी सुदीप चक्रवर्ती आदि लोग मौजूद रहे।
306 करोड़ से पूरा होगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
एलजी सिन्हा ने बताया कि 306 करोड़ रुपये का एक नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट भी पाइप लाइन में है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत 212 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ डल एंड निगीन ईको सिस्टम प्रोजेक्ट को शुरू करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह प्रोजेक्ट डल के निवासियों की जिंदगी बदलने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।