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Jammu News: घंटाघर से पहला खोखा हटाया नहीं, अब दूसरा भी लगाया

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लाल चौक के घंटाघर पर लगाया गया पहला खोखा। अमर उजाला - फोटो : जिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम।
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- लाल चौक कारोबारियों ने जताया रोष, कहा अगर स्मार्ट सिटी ने इसे नहीं हटाया तो लेंगे कोर्ट की शरण
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। लाल चौक के घंटाघर के पास सोमवार रात को एक और खोखा रख दिया गया। मंगलवार को कारोबारियों ने इन दोनों को हटाने की मांग की और कहा कि स्मार्ट सिटी ने इसे नहीं हटाया तो गैरकानूनी तौर पर लगे खोखों को हटाने के लिए वह कोर्ट की शरण में जाएंगे।
बता दें कि 28 अक्तूबर की रात लोहे का एक खोखा रख दिया गया था। 29 को सुबह दुकानें खोलने पहुंचे कारोबारियों ने इसे देखा तो उनमें राेष फैल गया। उन्होंने इसे हटाने की मांग की। 2 नवंबर को लोहे के खोखे पर लकड़ी जैसे प्रिंट के प्लास्टिक के पैनल लगा दिए गए। अब एक और खोखा यहां रखा दिया गया।
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मंगलवार शाम को कारोबारियों ने लाल चौक ट्रेडर्स एसोसिएशन के तहत विरोध जताया। कारोबारी फिरोज अहमद बाबा ने कहा कि लाल चौक में 60 से 70 फूड कॉर्नर और रेस्तरां हैं। सभी ने बड़ी रकम लगाकर अपने प्रतिष्ठान बनाए हैं और हर प्रतिष्ठान से कई परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। घंटाघर के बीच में इस तरह खोखे रख देने से सारी खूबसूरती बिगाड़ दी है, वहीं हमारी दुकानों की दृश्यता में भी बाधा बन रहे हैं।
कारोबारी शिराज अहमद मीर ने बताया कि जब स्मार्ट सिटी लाल चौक का सौंदर्यीकरण कर रही थी तो हमने अपने कारोबार से करीब आठ महीने समझौता किया, हम सिर्फ यह चाहते थे कि लाल चौक की खूबसूरती बढ़े, लेकिन अब स्मार्ट सिटी ने फूड कोर्ट की तरह के यह दो लोहे के खोखे घंटाघर के पास रख दिए हैं। पहले एक रखा, हमने विरोध जताया तो उसे लकड़ी जैसे प्लास्टिक पैनल से सजा दिया, अब दूसरा भी रख कर हमें और भड़का रहे हैं।
कारोबारी सुहेल अहमद ने कहा कि लाल चौक पर पहले से मौजूद 60-70 रेस्तरां और फूड शॉप से करीब 250 परिवारों का पेट पलता है। यहां आने वाले पर्यटक और अन्य लोग शाम को इन दुकानों और रेस्तरां में पहुंचते हैं। इस तरह हमारी दुकानों के सामने घंटाघर के पास खोखे लगाने से हमें काफी नुकसान होगा। वहीं घंटा घर परिसर में गंदगी बढ़ेगी।
कारोबारी जहांगीर अहमद ने बताया कि इस तर सड़क के किनारे और घंटाघर के पास खोखे लगाने से पूरा दृश्य खराब हो गया है। इन खोखों की वजह से यहां गंदगी तो बढ़ेगी ही, हमेशा व्यस्त रहने वाली इस सड़क पर भी जाम लगेगा। पहलगाम हमले के बाद से पर्यटक कम हुए हैं, हम पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं, ऊपर से स्मार्ट सिटी का यह कदम बेहद गैर जिम्मेदाराना है।
कारोबारी निसार अहमद ने कहा कि नियमों के अनुसार कोई भी इस तरह ऐतिहासिक घंटाघर पर खोखे नहीं लगा सकता। हम स्मार्ट सिटी से अपील कर रहे हैं कि गैरकानूनी रूप से रखे इन खोखों को हटाएं, अगर जल्द ही इन्हें नहीं हटाया गया तो हम कोर्ट की शरण में जाएंगे। हमने पहले भी यहां लगे अवैध बाजार को काफी मशक्कत के बाद हटवाया था, हम फिर वही करेंगे।
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कारोबारी आजाद अहमद जरगर ने कहा कि लाल चौक की खूबसूरती को कायम रखने की लिए श्रीनगर स्मार्ट सिटी के साथ कारोबारियों ने भी काफी जतन किए हैं। ऐसे में श्रीनगर नगर निगम की ओर से इस तरह का खोखा यहां रख देना, इसकी खूबसूरती पर दाग लगा रहा है।
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