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Jammu News: अवैध पेट्रोल पंप मामले में एसीबी ने अधिकारियों और लाभार्थी पर दर्ज किया केस

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- अरिगाम के निवासियों की शिकायत पर की गई जांच के बाद सामने आया मामला
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में कहचराई भूमि पर अवैध रूप से पेट्रोल पंप के निर्माण से जुड़े मामले में केस दर्ज किया है। पुलिस स्टेशन एसीबी श्रीनगर में एफआईआर के तहत दर्ज यह मामला आधारित विस्तृत सत्यापन के बाद आया है।

एसीबी के अनुसार, सत्यापन में पाया गया कि अरिगाम बडगाम निवासी अली मोहम्मद खान ने जून 2020 में हेराफेरी और भ्रामक जानकारी के जरिए लाइसेंस प्राप्त कर अरिगाम में कहचराई भूमि पर पेट्रोल पंप का निर्माण किया। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2018 में अरिगाम और खानसाहिब के तत्कालीन पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार ने सर्वे नंबर 531 और 533 मिन के तहत मालिकाना भूमि के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किए थे।
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लेकिन उन्होंने जानबूझकर यह उल्लेख नहीं किया कि इन प्लॉटों तक पहुंच केवल राज्य भूमि (सर्वे नंबर 535) के माध्यम से थी, जो साइट और मुख्य सड़क के बीच स्थित है। यह भी पाया गया कि संबंधित पटवारी ने खाका दस्ती तैयार करते समय सर्वे नंबर 532 के अस्तित्व को छिपाया, जिससे जमीन पर वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।



मार्च 2018 में बडगाम के अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा मांगी गई स्पष्टता के बावजूद, फील्ड अधिकारियों ने साइट को ईंधन के परिवहन और भंडारण के लिए उपयुक्त गलत तरीके से प्रमाणित किया। इन भ्रामक रिपोर्टों के आधार पर तत्कालीन उपायुक्त बडगाम ने लाभार्थी के पक्ष में गैर-सटे सर्वे नंबरों पर पेट्रोल पंप लाइसेंस जारी किया। तत्कालीन सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट खानसाहिब ने भी किसी स्वतंत्र सत्यापन या रिकॉर्ड जांच के बिना रिपोर्टों को उच्च अधिकारियों को भेज दिया।
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एसीबी ने कहा कि राजस्व अधिकारियों और लाभार्थी ने आपराधिक साजिश रचकर अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया, राज्य भूमि पर अतिक्रमण को सुगम बनाया और व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुंचाया। आरोपी लोक सेवकों और लाभार्थी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 (2018 में संशोधित) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत अपराध स्थापित किए गए हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
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