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Jammu News: तीन वर्षों में 500 से अधिक केस दर्ज, 17,000 से अधिक वाहनों पर जुर्माना

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- जम्मू-कश्मीर में अवैध खनन पर कार्रवाई, अनधिकृत खनन पर अंकुश लगाने के लिए 22 जांच चौकियां स्थापित
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने अवैध खनन पर अपनी कड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले तीन वर्षों में 17,806 वाहनों और मशीनों पर जुर्माना लगाया और 46.68 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में खनिजों के अवैध खनन और परिवहन के लिए उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ 506 प्राथमिकी दर्ज की गईं।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2023-24 में अधिकारियों ने 7,018 वाहनों पर जुर्माना लगाया, 133 प्राथमिकी दर्ज की और 19.19 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। 2024-25 में 6,219 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। 212 एफआईआर दर्ज की गईं और 16.79 करोड़ रुपये वसूले गए। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सितंबर तक 4,569 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। 161 एफआईआर दर्ज की गईं और 10.70 करोड़ रुपये वसूले गए।
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चालू वर्ष में कश्मीर का कुपवाड़ा जिला 516 वाहनों पर जुर्माना लगाकर, 43 एफआईआर दर्ज करके और 0.78 करोड़ रुपये वसूल करके सूची में सबसे ऊपर रहा जो इस वित्त वर्ष में अब तक का सबसे अधिक प्रवर्तन आंकड़ा है। बारामुला जिले में 393 वाहनों पर जुर्माना लगाकर 0.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया जबकि बडगाम में 360 वाहनों पर जुर्माना लगाकर 0.60 करोड़ रुपये वसूले गए। इसी तरह अनंतनाग में 334 वाहन जब्त किए गए और 0.57 करोड़ रुपये वसूले गए और कुलगाम में 270 वाहनों से 1.25 करोड़ रुपये वसूले गए।
जम्मू संभाग में सांबा 470 वाहनों पर जुर्माना लगाकर 0.67 करोड़ रुपये वसूलने के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाला जिला रहा। कठुआ में 445 वाहनों पर जुर्माना लगाकर 2.16 करोड़ रुपये वसूले गए जबकि जम्मू जिले में 317 वाहनों पर जुर्माना लगाकर 1.24 करोड़ रुपये वसूले गए। हालांकि विभाग ने हाल ही में हुए विधानसभा सत्र में कहा कि सभी जिलों में प्रवर्तन दल सक्रिय हैं। खनिज परिवहन की निगरानी के लिए जिला-स्तरीय टास्क फोर्स और फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं जिन्हें प्रमुख स्थानों पर 22 खनिज जांच चौकियों का सहयोग प्राप्त है।
निगरानी में सुधार के लिए विभाग ने भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी) के सहयोग से एक एकीकृत खनन निगरानी प्रणाली (आईएमएसएस) शुरू की है। यह प्रणाली स्वीकृत पट्टे की सीमाओं के 500 मीटर के दायरे में अवैध खनन पर नजर रखती है और निरीक्षण के लिए अलर्ट भेजती है।
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प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के माध्यम से डिजिटल जुर्माना संग्रह से राजस्व रिसाव में कमी आई है जबकि पर्यावरण समितियां जिम्मेदार खनिज निष्कर्षण सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर अनुपालन की निगरानी कर रही हैं।
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