श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंगलवार को गिरफ्तारी के छह माह बाद गुजरात के ठग किरण पटेल को जमानत दे दी। पटेल ने इस साल मार्च में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में तैनात एक शीर्ष अधिकारी के रूप में पेश करते हुए यहां सरकारी प्रोटोकॉल का लाभ उठाया था।
आरोपी पटेल के वकील ने बताया कि केंद्रीय जेल में बंद पटेल को अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतदारों के आधार पर जमानत दे दी। पटेल की ओर से वकील अनिल रैना के अलावा,मोहम्मद अब्दुल्ला पंडित और कैफ आलम अदालत में पेश हुए।
इससे पहले अदालत ने पटेल की दो जमानत अर्जियां यह कहते हुए खारिज कर दी थीं कि किरण पटेल आदतन अपराधी प्रतीत होते हैं कि उनके खिलाफ उनके गृह राज्य गुजरात सहित विभिन्न स्थानों में पांच प्राथमिकियां दर्ज हैं। इसके अलावा, अदालत ने कहा था कि उसके खिलाफ अपराध की प्रकृति बहुत गंभीर थी क्योंकि आरोपी ने सरकारी अधिकारियों को धोखा देने की पूरी कोशिश की है और ऐसा लगता है कि वह इस तरह के अपराध करने का आदी है।
गुजरात के रहने वाले कथित किरण पटेल ने प्रधानमंत्री कार्यालय में एक अतिरिक्त निदेशक (रणनीति और अभियान) के रूप में खुद को पेश किया और कश्मीर में अन्य आतिथ्य के अलावा बुलेटप्रूफ कार और सुरक्षा कवर सहित कई सुविधाओं का आनंद लिया। किरण पटेल कश्मीर घाटी की अपनी तीसरी यात्रा पर थे जब उन्हें 2 मार्च को श्रीनगर के निशात इलाके में एक पांच सितारा होटल से सुरक्षा अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। पटेल ने दावा किया था कि सरकार ने उन्हें दक्षिण कश्मीर में सेब के बागानों के लिए खरीदारों की पहचान करने का आदेश दिया है।
फर्जी विजिटिंग कार्ड और दस्तावेज तैयार किए
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पटेल ने कुछ विजिटिंग कार्ड सहित कुछ दस्तावेज तैयार किए, जिसके आधार पर उसने न केवल एक या व्यक्तियों के समूह को बल्कि नागरिक प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के उच्च अधिकारियों को भी धोखा दिया। पुलिस ने कहा, पटेल जेड श्रेणी की सुरक्षा, बुलेट प्रूफ वाहन प्राप्त करने में सफल रहा और काफी समय तक पांच सितारा प्रोटोकॉल का आनंद लिया।
गुजरात में भी किया फर्जीवाड़ा
इस घटनाक्रम के बाद उसे गुजरात के अहमदाबाद में एक बंगले को फर्जीवाड़े से हासिल करने के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ गुजरात में भी ठगी के पांच मामले दर्ज हैं।