अमरनाथ यात्रा में सिर्फ 30 दिन शेष हैं। इस बीच सरकार ने सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जगह-जगह यात्रा मार्ग की मरम्मत की जा रही है, साथ ही बर्फ हटाने का काम भी तेजी से चल रहा है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को उम्मीद जता रहा है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी तरह की तैयारियों को पूरा कर लिया जाएगा। दो वर्ष बाद होने वाली यह यात्रा इस वर्ष 30 जून को शुरू हो रही है। इस बार 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
अनंतनाग जिले के उपायुक्त डॉ. पीयूष सिंगला बताते हैं कि पारंपरिक अमरनाथ यात्रा मार्ग पर मरम्मत और बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए हर प्रयास किया जा रहा है।
इस बार यात्रा के दोनों पारंपरिक मार्ग चंदनवाड़ी और बालटाल पर बर्फ हटाने के साथ साथ मार्गों की मरम्मत का काम समय से पहले शुरू कर दिया गया था। यह लगातार चल रहा है। उम्मीद है कि यात्रा शुरु होने से एक सप्ताह पहले ही तैयारियां पूरी हो जाएंगी। रास्ते में जहां कहीं भूस्खलन हुआ है वहां रास्तों को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के गुफा में प्राकृतिक रूप से बने हिमशिवलिंग के दर्शन कर सकें।
चंदनवाड़ी मार्ग को लेकर डॉ. सिंगला बताते हैं कि यात्रा मार्ग पर अधिकतर काम पूरा होने की स्थिति मे है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘सेफ्टी रेल्स’ लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर छोटे-छोटे पुलों का भी निर्माण कार्य चल रहा है। जहां भी ट्रैक पर मरम्मत की जरूरत है वहां मरम्मत का कार्य जारी है। कुछ दिन पहले यात्रा मार्ग पर महागुनस टॉप (एमजी टॉप) पर ताजा बर्फबारी के बाद मार्ग पर से बर्फ को हटाने का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि मार्ग पर कार्यों की निगरानी करनी वाली दो टीमें शेषनाग और पंजतरनी पर तैनात हैं।
आने वाले दिनों में इन जगहों पर सिक्योरिटी चेक पॉइंट्स, लंगर पंडाल, विश्राम शिविर, मेडिकल शिविर, कंट्रोल रूम आदि स्थापित किए जाएंगे। कुछ दिनों के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से लंगर लगाने वाले पहुंचने लगेंगे। सिर्फ चंदनवाड़ी ही नहीं बल्कि यात्रा मार्ग पर लगभग हर जगह ऐसे प्रबंध किए जाएंगे। घोड़ों, खच्चरों पर समान चंदनवाड़ी के रास्ते से ऊपर भेजा जा रहा है ताकि यात्रा के निर्धारित समय से पूर्व सभी इंतजाम पूरे हो सकें। श्रद्धालुओं के लिए संचार व्यवस्था, चिकित्सा, पीने के पानी की सुविधा आदि के भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
ड्रोन से निगरानी
यात्रा मार्ग पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। जगह जगह एक्स-रे मशीन, यात्रा मार्गों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की क्विक एक्शन टीमों, अतिरिक्त मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी। जिसमें सेना, सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल, एसएसबी, आईटीबीपी और जम्मू कश्मीर पुलिस के लोग शामिल हैं।
बिना आरएफआईजी यात्रा पर नहीं जा सकेंगे: नीतीश्वर
इस बीच अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने फैसला किया है कि रेडियो फ्रिक्वेंशी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) के बिना अमरनाथ यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को कोई प्रवेश नहीं दिया जाएगा और इस साल अमरनाथ यात्रा करने वाले सभी भक्तों के लिए आरएफआईडी टैग अनिवार्य है। श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार ने कहा कि आरएफआईडी टैग से एक तीर्थ यात्री को ट्रैक करने और उसके ठिकाने के बारे में जानने में मदद मिलेगी।
सीईओ के अनुसार, जो तीर्थयात्री हवाई जहाज या ट्रेन के माध्यम से यात्रा के लिए आएंगे, उन्हें हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन पर आरएफआईडी टैग से संबंधित सुविधाएं दी जाएंगी। यहां तक कि पोनीवाला, लंगर सेवा वाला और अन्य जो यात्रा में जुड़ा होगा उसको भी ये टैग प्रदान किए जाएंगे। दुकान लगाने वाले स्थानीय व्यापारियों को भी ये टैग दिए जाएंगे।