हर रोज किसी न किसी की जिंदगी को लील रही तेज वाहनों की रफ्तार पर रोक लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। परिवहन विभाग वाहनों की तेज रफ्तार पर स्पीड गवर्नर से ब्रेक लगाने जा रहा है। अब तक सिर्फ स्कूली बसों पर ही इसको लागू किया गया है, लेकिन अब इसे सभी तरह के व्यवसायिक वाहनों पर लगाने की तैयारी की जा रही है।
आचार संहिता खत्म होते ही इसे लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में इस सिस्टम को लागू करने पर रणनीति बनाई जाएगी।
परिवहन विभाग की आयुक्त सचिव, दिलशाद खान ने बताया कि अब तक सिर्फ स्कूली बसों पर ही स्पीड गवर्नर सिस्टम लागू किया गया है, लेकिन अब सभी तरह के यात्री और व्यवसायिक वाहनों पर इस सिस्टम को लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी इसे लेकर निर्देश जारी किए हैं।
जल्द ही इसे लेकर बैठक की जाएगी। इसमें संबंधित विभागों को शामिल कर काम किया जाएगा। यह सिस्टम शहर और इसके आसपास केे इलाकों में चलने वाले वाहनों पर लागू किया जाएगा।
क्या है स्पीड गवर्नर
स्पीड गवर्नर एक इलेक्ट्रानिक तंत्र है, जिसको वाहन में लगा दिया जाता है। यह वाहन की स्पीड को 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर रोक देता है। इस सिस्टम को अब तक सिर्फ स्कूली बसों पर लागू किया गया है, लेकिन अब शहर में चलने वाली मेटाडोर, टैक्सियों, आटो, ट्रकों में भी इसे लगाया जाएगा। आसपास के इलाकों में चलने वाली बसों में भी यह तंत्र लगाया जाएगा।