विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन जावेद राणा ने स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के मौजूदा नियमों को बाढ़ पीड़ितों की पर्याप्त मदद में अड़चन बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से एसडीआरएफ नियमों में बदलाव करने की अपील की है।
जम्मू सचिवालय में वीरवार को संवाददाता सम्मेलन में राणा ने कहा कि बाढ़ से कश्मीर और जम्मू संभाग में भारी तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। निजी संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है।
हजारों मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। हजारों आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं लेकिन रहने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। सड़कों और पुलों, अस्पतालों, स्कूलों, बिजली और पेयजल ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। जानमाल का भी भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब जरूरत है कि बाढ़ पीड़ित लोगों को पुनर्वास के लिए ज्यादा से ज्यादा मदद दी जा सके लेकिन एसडीआरएफ के मौजूदा नियम स्पष्ट हैं। इसलिए सरकार और प्रशासन नियमों में बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों में बदलाव से ही बाढ़ पीड़ितों की बेहतर मदद की जा सकती है।