कश्मीर में आज कल मौसम एक अलग ही अंदाज पेश कर रहा है। एक ओर मैदानी इलाकों में लाल सुर्ख हुए चिनार के पत्ते एक अलग ही फिजा का एहसास दिला रहे हैं, वहीं पहाड़ी इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी यहां आए पर्यटकों का स्वागत कर रही है। घाटी के मौसम की एक अलग ही फिजा यहां के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने की एक उम्मीद उजागर कर रही है।
अपनी सुन्दरता और बदलते मौसम के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध कश्मीर का हर मौसम में एक अलग ही मजा है। यही कारण है कि देश विदेश से पर्यटक कश्मीर घूमने आते हैं और यहां के सुंदर नजारे पर्यटकों को लुभाते हैं। आजकल चारों ओर एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। मैदानी इलाकों में पतझड़ का मौसम कश्मीर को एक अनोखे अंदाज में पेश कर रहा है। रौंगटे खडे़ करने वाली ठंड और नजारों में बिखरे चिनार के सुर्ख पत्तों की लाली सांसों को थमा देती है, जिसका अनुभव कश्मीर घूमने आए पर्यटक कर रहे हैं।
वहीं कश्मीर में पतझड़ का मजा लेने आए पर्यटकों का पहाड़ी इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी ने स्वागत किया। यह यहां आए पर्यटकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं था। दिल्ली से आई रीमा भट ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ पतझड़ का लुत्फ लेने पहुंची थीं। श्रीनगर के मुगल गार्डन में चारों ओर सुर्ख चिनार के पत्तों को देख काफी अच्छा अनुभव हुआ। जब गुलमार्ग पहुंचे तो यहां बर्फबारी ने स्वागत किया। जिससे उनका यह अनुभव और सुंदर बन गया। राजस्थान से आए गौरव ने कहा कि हमें नहीं पता था कि बर्फबारी होगी। गुलमार्ग में बर्फबारी देख मन रोमांचित हो गया।
पर्यटन क्षेत्र गुलजार होने की आस
कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग पहले अनुच्छेद 370 और फिर कोरोना के बीच थमे पर्यटकों का बेसबरी से इंतजार कर रहे हैं। करीब पांच लाख लोग इस क्षेत्र के साथ जुड़े हुए हैं और प्रदेश की करीब 16 प्रतिशत जीडीपी इस पर निर्भर है। प्रदेश में पर्यटकों को लाने के लिए होटल और गेस्ट हाउस संचालक अच्छे पैकेज दे रहे हैं। करीब 50 से 60 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है।