आतंकवाद से जुड़े फंडिंग मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के घर को सील करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत श्रीनगर में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के घर को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क करने के बाद यह कदम उठाया गया है।
अभी तक इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार एसआईए ने गिलानी के घर के साथ आसपास की संपत्ति को भी जांच के दायरे में रखा था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने सितंबर 2021 में मौत तक अपने संगठन के कार्यालय के रूप में किया था।
इस मामले में एजेंसी को कुछ सुबूत मिले हैं। गिलानी के संगठन जमात-ए-इस्लामी ने 1988 में जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसके बाद दो आवासीय और कार्यालय ढांचे को कथित तौर पर आतंकी फंडिंग से बनाया था।
एजेंसी मामले की जांच कर रही है और जब तक ठोस सुबूत नहीं जुटाए जाते तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। गिलानी की पत्नी हैदरपोरा स्थित एक घर में रहती हैं, जबकि उनके दोनों बेटे अन्य घर में रहते हैं।
1 सितंबर, 2021 को गिलानी की मौत के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य या रिश्तेदार ने अलगाववादी राजनीतिक संगठन का नेतृत्व नहीं संभाला है। उनके दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ फंटूश, जिसे 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में भी गिरफ्तार किया गया था, की पिछले महीने एम्स, नई दिल्ली में हिरासत में मौत हो गई थी।