जिलास्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने के निर्देश
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संघर्ष समिति के संगठन अपने-अपने जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। इसके लिए सभी को निर्देश दिए गए हैं। युवाओं के साथ महिलाओं को भी आंदोलन से जोड़ने की कवायद शुरू होगी।
एमबीबीएस सीटों के मामले में सबसे अधिक युवा ही प्रभावित हो रहे हैं। संयोजक ने साफ कहा कि श्राइन बोर्ड हमें हल्के में न ले, अन्यथा आंदोलन का रूप कुछ भी हो सकता है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी जितनी देर करेंगे, उतना ही इस आंदोलन को संभालना मुश्किल होगा।
जम्मू-कश्मीर से बाहर जा रही आंदोलन की आंच, संगठन कर रहे संपर्क
संयोजक सुखबीर सिंह मनकोटिया ने कहा कि एमबीबीएस सीटों के विवाद के बाद चल रहे आंदोलन की आंच देश के दूसरे राज्यों तक पहुंच चुकी है। बाहर के प्रदेशों के संगठन लगातार संपर्क कर आंदोलन में भाग लेने की इच्छा जता रहे हैं। वह नहीं चाहते कि आंदोलन बाहर जाए।
उन्होंने कुछ नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह इस आंदोलन के पीछे हिंदू-मुस्लिम का माहौल खराब करना चाहते हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे। हमारी आस्था की लड़ाई है। मांग स्पष्ट है कि श्राइन बोर्ड की तरफ से संचालित स्कूलों व कॉलेजों में सनातन परंपराओं का पालन हो।
संघर्ष समिति के सदस्य सीएम सेठ ने कहा कि पूरे मामले में श्राइन बोर्ड की चुप्पी सवाल पैदा कर रही है। उनका कहना था कि श्राइन बोर्ड आंदोलन पर चुप क्यों है और लोगों के बीच सच्चाई क्यों नहीं बताना चाहती। यह चुप्पी जब तक रहेगी, संघर्ष बढ़ता जाएगा।
उन्होंने कहा कि सीएम उमर अब्दुल्ला व डिप्टी सीएम की तरफ से बयान आ रहे हैं लेकिन श्राइन बोर्ड की तरफ से कोई बयान नहीं आ रहा है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्री सनातन धर्म सभा के महामंत्री संजय गुप्ता, बलदेव सिंह, नारायण सिंह, नीरज आनंद, राजन सिंह आदि मौजूद रहे।