जम्मू रेलवे स्टेशन पर शनिवार का दिन माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए अच्छा नहीं रहा। दिन भर यात्रियों ने पूछताछ केंद्र तथा अन्य विधियों से जानकारी हासिल की कि कटड़ा के लिए ट्रेनों की आवाजाही कब बहाल होगी।
कानपुर से आए प्रद्युम्न शुक्ला तथा उनकी पत्नी रत्ना जब कानपुर जम्मू तवी एक्सप्रेस से दोपहर में पहुंचे तो उन्हें पता नहीं था कि जम्मू-उधमपुर-कटड़ा ट्रैक बंद है।
माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए जा रहे प्रद्युम्न को बताया गया कि मौसम ठीक नहीं है, रेलवे ट्रैक उधमपुर तक बाधित है। लिहाजा उन्हें फिलहाल लौट जाने की सलाह दी गई।
फिर सोलह नंबर टनल पर गिरा मलबा
जम्मू से उधमपुर के मध्य रामनगर रेलवे स्टेशन के निकट टनल नंबर सोलह पर फिर मलबा गिर जाने से ट्रैक बाधित हो गया। मलबा हटाने के लिए रेलवे इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी जुटे रहे।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त माह में भी टनल नंबर सोलह के ऊपर से गुजर रही धार रोड से मलबा गिरा था, जिससे वहां से गुजर रही मालवा ट्रेन घंटों मलबे के बीच फंस गई थी।
बताया गया कि वहां पर भी शनिवार को मलबा गिरा, जिसे जल्द हटवाया गया ज्यादातर मलबा, पत्थर रामनगर तथा उधमपुर के बीच गिरा है, जिसे शाम सवा सात बजे तक साफ कर लिए जाने की संभावना है।
जम्मू स्टेशन पर फंसे सैंकड़ों यात्री
डीएमयू तथा अन्य ट्रेनों से कटड़ा माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले यात्री आज बेहाल रहे। यात्रियों को जम्मू कटड़ा ट्रैक बंद होने के कारण प्लेटफार्म या प्रतीक्षालय में ठहरना पड़ा।
जम्मू मेल से उधमपुर तक यात्री नहीं पहुंच सके। वे जम्मू रेलवे स्टेशन पर परेशान रहे। टपकते रहे प्लेटफार्म पर शनिवार को भारी बारिश के बीच माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को यह नहीं समझ में आ रहा था कि क्या कि या जाए।