पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भाजपा के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर निशाना साधते हुए कहा, आपने तिरंगे का भी राजनीतिकरण कर दिया है। आप लोगों को हर घर में झंडा फहराने की धमकी दे रहे हैं। क्या यही है नया कश्मीर। चुनौती दी कि अगर आप में दम है तो चीन द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि के हिस्से में तिरंगा फहराने की हिम्मत करें। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में लोगों को तिरंगा फहराने के लिए मजबूर करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में पार्टी के 23वें स्थापना दिवस पर महबूबा ने भाजपा पर कश्मीर की स्थिति को ‘कथित’ तरीके से संभालने और क्षेत्र में शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। कहा, मैं मोदी जी से कहना चाहती हूं कि अगर आप भारत को विश्व गुरु बनाना चाहते हैं तो आपको पहले जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करनी चाहिए और पहले देश को बचाना चाहिए।
भारत के विश्व गुरु का मार्ग कश्मीर से होकर जाता है, जी-20 से नहीं। यह सार्क से होकर आता है। मुफ्ती ने कहा कि भारत को श्रीलंका मुद्दे पर सार्क की बैठक बुलानी चाहिए थी, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे। सार्क में सबसे बड़ी बाधा भारत-पाक संबंध हैं और जब तक दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं होंगे, कश्मीर को नुकसान होता रहेगा।
सवाल किया, कश्मीर पर आक्रमण करने वाले पुराने हमलावरों और राजाओं ने यहां मस्जिदों के निर्माण के लिए मंदिरों को नष्ट कर दिया और आप मंदिरों के निर्माण के लिए मस्जिदों को नष्ट कर रहे हैं। उनमें और आप में क्या अंतर है। उन्होंने कहा कि लोग विध्वंस करने वालों को याद नहीं रखते बल्कि राष्ट्र निर्माण करने वालों को याद रखते हैं।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब भारत और पाकिस्तान पंजाब के माध्यम से व्यापार कर सकते हैं तो कश्मीर के माध्यम से क्यों नहीं, क्या यहां कोई युद्ध चल रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सभी को सीपैक का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है और भारत ने इसका विरोध किया लेकिन वे नहीं रुकेंगे, क्योंकि आप 370 पर भी नहीं रुके।
पीओके में लोग भाग्यशाली हैं कि वे सीपैक और विकास का हिस्सा होंगे। पीडीपी प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू-कश्मीर को ‘पीस जोन’ घोषित करने और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार सभी मार्गों को खोलकर इसे सार्क सहयोग का एक मॉडल बनाने के लिए कहा। प्रत्येक सदस्य देश को इस क्षेत्र में निवेश करने की अनुमति दी जाए।
महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि अमरनाथ यात्रा का भी राजनीतिकरण किया गया है और एक एजेंडा के लिए यात्रियों की बलि दी गई है। उन्होंने कहा, मैं पाकिस्तान के बारे में बात करूंगी और पड़ोसी देश के साथ बातचीत का समर्थन तब तक करूंगी जब तक कश्मीर में 10 लाख सशस्त्र बल हैं और कश्मीर में शांति बहाल नहीं होगी।
महबूबा ने कहा, मैं पीएम मोदी से कहना चाहती हूं कि वो लोहार नहीं बल्कि सुनार बनने की कोशिश करें। हमने भारत का झंडा ही नहीं बल्कि भारत का संविधान भी स्वीकार किया था, लेकिन हमारा भी अपना एक झंडा और संविधान है। जब तक इसे बहाल नहीं किया जाता, तब तक जम्मू-कश्मीर और दक्षिण एशिया में शांति नहीं आ सकती।