रियासत के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों का टोटा है। इस कमी से पहाड़ी और दूरवर्ती इलाकों की आबादी सबसे ज्यादा प्रभावित है। जिला स्तर पर सृजित विशेषज्ञ डाक्टरों में अधिकांश आधे पद खाली ही पड़े हुए हैं।
लेकिन एनएचएम के तहत कांट्रैच्युअल स्तर पर एमबीबीएस, आईएसएम डाक्टरों की तैनाती करके इस कमी को पूरा करने के प्रयास किए गए हैं। वीरवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह ने सरकार की ओर से यह जानकारी दी।
विधानसभा में शाह मोहम्मद तांत्रे के एक प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिला अस्पताल पुंछ में सृजित 33 विशेषज्ञ डाक्टरों के पद पर 12 और 33 मेडिकल आफिसर के पदों पर छह ही उपलब्ध हैं।
इसी तरह कम्युनिटी हेल्थ सेंटर मंडी में सृजित पांच विशेषज्ञ डाक्टरों पर सिर्फ दो ही कार्यरत हैं।