बाबा बर्फानी अंतर्धान हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो वीरवार शाम तक पवित्र हिमलिंग लुप्त हो चुका था। केवल आधार पर कुछ बर्फ अभी भी है। दो जुलाई को शुरू हुई 48 दिन की अमरनाथ यात्रा को अभी 13 दिन ही हुए हैं। वीरवार को दर्शन करने वाले श्रद्घालुओं और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सूत्रों ने यह जानकारी दी। बोर्ड के सीईओ पीके त्रिपाठी ने इस बाबत अनभिज्ञता जाहिर की है।
ग्लोबल वार्मिगिं के चलते इस साल हिमलिंग पूर्णाकार ग्रहण नहीं कर सका था। यात्रा मार्ग पर भी हर साल जैसी बर्फ नहीं थी। 14 हजार पांच सौ फुट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा ग्लोबल वार्मिगिं के असर से अछूती नहीं रही है। गुफा पर बढ़ते तापमान के चलते पिछले कुछ सालों से लगातार ऐसा हो रहा है कि रक्षा बंधन पर यात्रा की समाप्ति से पहले ही पवित्र हिमलिंग लुप्त हो जाता है।
वर्ष 2006 में तो श्रद्घालुओं का पहला जत्था पहुंचने से पहले ही बाबा बर्फानी लुप्तप्राय हो चुके थे। तब श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक अध्ययन भी कराया था। विशेषज्ञों की टीम ने पवित्र गुफा तथा आस पास के इलाकों के मौसम में हो रहे परिवर्तन और उसके कारणों का अध्ययन किया था।